आज Rahul Gandhi 56 साल के हो गए। एक ऐसा नाम जिसके बारे में देश के हर कोने में राय है — कोई तारीफ करता है, कोई आलोचना। पीएम मोदी ने दी बधाई, बोले- आपकी उम्र लंबी हो
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी. राहुल गांधी शुक्रवार 19 जून 2026 को 56 वर्ष के हो गए. प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा, ‘लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं.
मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्रार्थना करता हूं.’ राहुल गांधी कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और वर्तमान में लोकसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका निभा रहे हैं. उनके जन्मदिन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से भी शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है.
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जन्म और बचपन
Rahul Gandhi का जन्म 19 जून 1970 को नई दिल्ली में हुआ। पिता राजीव गांधी, जो बाद में देश के प्रधानमंत्री बने। मां सोनिया गांधी, जो कांग्रेस की सबसे लंबे समय तक रहने वाली नेता बनीं।
लेकिन यह बचपन आम बच्चों जैसा नहीं था। दादी इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा का खतरा इतना बढ़ गया कि राहुल और उनकी छोटी बहन प्रियंका गांधी को घर पर ही पढ़ाया जाने लगा।
St. Columba's School दिल्ली में और फिर देहरादून के Doon School में कुछ समय पढ़ाई हुई। पर ज़्यादातर शुरुआती शिक्षा घर पर ही हुई — सुरक्षा कारणों से।
विदेश में पढ़ाई
1991 में पिता राजीव गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा खतरा इतना बढ़ गया कि Florida के Rollins College में दाखिला लेना पड़ा और वो भी एक नकली नाम से। नाम रखा गया Raul Vinci
सोचकर देखिए, एक प्रधानमंत्री का बेटा अपनी असली पहचान छुपाकर कॉलेज में पढ़ रहा था। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं सच में हुआ था। 1994 में graduation पूरी हुई, फिर Cambridge University से Development Studies में M.Phil की डिग्री ली, 1995 में।
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राजनीति में एंट्री
राहुल गांधी राजनीति से दूर रहे London में Monitor Group नाम की consulting कंपनी में काम भी किया।
पर 2004 में सब कुछ बदल गया। अमेठी सीट से वही सीट जो कभी उनके पिता की रही थी पहला चुनाव लड़ा और एक लाख से ज़्यादा वोटों से जीत दर्ज की। यहीं से शुरू हुआ राहुल गांधी का राजनीतिक सफर।
ट्रोलिंग से लेकर Leader of Opposition
राहुल गांधी का सियासी सफर आसान नहीं रहा। सोशल मीडिया पर पप्पू कहकर उनका जमकर मज़ाक उड़ाया गया। एक बार तो संसद में ही एक नेता ने उन्हें पप्पू जी कह दिया था। पर समय के साथ छवि बदलती गई।
2023 में मोदी सरनेम वाले बयान को लेकर सूरत कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया और संसद सदस्यता रद्द कर दी गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सज़ा पर रोक लगाई और उनकी सदस्यता बहाल हुई। यह दौर उनके राजनीतिक जीवन का सबसे मुश्किल वक्त माना जाता है।
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नेहरू-गांधी परिवार की विरासत
राहुल गांधी सिर्फ एक नेता नहीं एक पूरे राजनीतिक इतिहास की कड़ी हैं। परदादा जवाहरलाल नेहरू, देश के पहले प्रधानमंत्री। दादी इंदिरा गांधी, देश की पहली महिला प्रधानमंत्री। पिता राजीव गांधी, भी प्रधानमंत्री रहे। यह कोई आम पारिवारिक विरासत नहीं भारत के लोकतंत्र के साथ जुड़ा एक पूरा अध्याय है।
राहुल गांधी का यह सफर बताता है कि बड़े नाम के साथ बड़ी चुनौतियां भी आती हैं। बचपन से लेकर आज तक, हर कदम पर निगाहें उन पर टिकी रहीं कभी तारीफ के लिए, कभी आलोचना के लिए
आज उनके जन्मदिन पर आपकी क्या राय है राहुल गांधी की राजनीतिक यात्रा को आप कैसे देखते हैं? नीचे comment करें और यह article अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!
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