Telegram India में बैन क्यों हुआ? — NEET घोटाले की वो पूरी कहानी



16 जून 2026 की दोपहर को भारत सरकार ने पूरे देश में Telegram बंद करने का आदेश दे दिया। बस एक गुपचुप आदेश और 15 करोड़ भारतीय यूज़र्स का Telegram अचानक काम करना बंद हो गया। यह बैन सिर्फ एक app पर रोक नहीं था — 

यह उस बड़े घोटाले की कहानी थी जो लाखों मेडिकल छात्रों की ज़िंदगी से खेल रहा था।


 बैन का असली कारण 

NEET UG 2026 की re-examination 21 जून को होनी थी — क्योंकि मई की मूल परीक्षा पेपर लीक और धांधली के आरोपों की वजह से रद्द करनी पड़ी थी। 

परीक्षा से पहले Telegram पर  PAPER LEAKED NEET, Re-NEET 2026 और Private Mafia" जैसे नामों से channels खुलकर चल रहे थे और ये channels छात्रों व उनके परिवारों से कई लाख रुपये तक वसूल रहे थे, 

सोचिए - एक मेडिकल का सपना देखने वाला बच्चा, माँ-बाप की सारी जमा पूँजी और ये ठग उनसे लाखों ऐंठ रहे थे।


वो चालाकी जिसने सरकार को मजबूर किया

Telegram में channel admin किसी भी पुराने message को edit कर सकता है  उसमें लगी file बदल सकता है और original timestamp वैसा ही रहता है। मतलब ठग पहले exam से पहले एक साधारण message डालते, और exam होने के बाद उसमें question paper की PDF डाल देते  पर timestamp दिखता था exam से पहले का। 

इस तरह वो fake paper leak का सबूत बनाते और छात्रों को डराकर पैसे वसूलते। NTA ने साफ कहा कि कोई असली paper leak नहीं हुआ था — सारे channels fraud चला रहे थे। 


पहले targeted action, फिर पूरा बैन

सरकार ने सीधे बैन नहीं किया — पहले कई कोशिशें कीं।

Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने channel-by-channel takedowns किए। Ahmedabad Cyber Crime Branch ने Rajasthan के लोगों को 15 जून को गिरफ्तार भी किया जो 8 Telegram channels के ज़रिए fraud चला रहे थे। 

MeitY ने Telegram को 1300 links की list भेजी जिनमें से platform ने 900 को disable किया। पर ठग हर बार नए channels बना लेते। targeted action काम नहीं कर रहा था। 

NTA ने इसे आखिरी उपाय बताया — और MeitY ने IT Act 2000 की धारा 69A के तहत पूरे platform को block करने का आदेश दे दिया। 


Telegram का जवाब  15 करोड़ users की दुहाई

Telegram चुप नहीं रहा। Telegram ने Delhi High Court में petition दायर की और कहा कि कुछ users के गलत इस्तेमाल की वजह से 15 करोड़ legitimate users को बंधक नहीं बनाया जा सकता।

Telegram के founder Pavel Durov ने भी कहा — India ने 15 करोड़ आम users को सज़ा दी, उन insiders को नहीं जिन्होंने paper leak किया। बैन ने fraud नहीं रोका  ठग WhatsApp पर चले गए। इसमें सच्चाई भी है। App बंद करने से fraudsters नहीं रुकते — वो घंटों में दूसरी जगह चले जाते हैं।


बैन कब हटा — और अभी Telegram का क्या हाल है?

भारत सरकार ने 16 से 22 जून 2026 तक Telegram बैन रखा — ठीक NEET re-examination से एक दिन बाद तक। 

बैन हटने के बाद भी Telegram Google Play Store और Apple App Store पर listed नहीं है। यानी जिनके phone में पहले से app था उन्हें access मिल रहा है — पर नए users download नहीं कर सकते। 

इसके अलावा MeitY ने Telegram को 30 जून 2026 तक message editing feature बंद रखने का आदेश दिया है — ताकि वो fake timestamp वाला trick दोबारा न हो सके


Telegram की History India में — यह पहली बार नहीं

यह घटना अचानक नहीं हुई।

2024 और 2025 में भी NEET और UGC-NET leaks के दौरान Telegram fraud networks सक्रिय थे — Rajasthan Police ने 2025 में ही लोगों को चेतावनी दी थी। पर हर बार app बचता रहा। 

India Telegram का सबसे बड़ा market है — 2024 से global level पर law enforcement requests में India सबसे ऊपर रहा है। फिर भी Telegram का India में कोई office नहीं — जिससे regulation मुश्किल रहा है। 

2026 में सरकार ने पहली बार पूरे platform को ही बंद कर दिया — और यह precedent अब बहुत बड़ा सवाल खड़ा करता है।


Telegram अभी technically वापस आ गया है — पर पूरी तरह नहीं। App Store पर वापसी कब होगी, यह अभी तय नहीं।

पर असली सवाल यह है — क्या किसी app को पूरी तरह बंद करना सही जवाब है? 15 करोड़ लोग जो इसे पढ़ाई, business, और ज़िंदगी के लिए इस्तेमाल करते हैं — उनका क्या? यह debate अभी खत्म नहीं हुई।

आपको क्या लगता है — Telegram बैन सही फैसला था या गलत? नीचे comment में अपनी राय दें और यह article उन दोस्तों के साथ share करें जो इस बारे में जानना चाहते हैं!


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